
नवीन कुमार, सत्यकेतन समाचार। राजधानी दिल्ली के तीनों नगर निगमों के चुनाव को लेकर सियासी दलों के बीच खींचातानी तेज हो गई है। एक ओर आम आदमी पार्टी ने निगम चुनाव टाले जाने को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया है तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इसे निगमों की आर्थिक सेहत सुधारने के रूप में देख रही है। इसी खबरों की मानें तो सोमवार को संसद में दिल्ली के तीनों नगर निगमों को एक करने के संबंध में प्रस्ताव लाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तीनों नगर निगमों को एक करने का खाका तैयार कर लिया है और इसे सोमवार को होने वाली संसद की कार्यवाही में शामिल किया जा सकता है। माना जा रहा है कि यदि ऐसा होता है तो 21 मार्च को शंकाओं और आशंकाओं के सारे बादल छंट जायेंगे। यदि संसद में केंद्र सरकार की ओर से इस तरह का कोई प्रस्ताव लाया जाता है तो इससे यह भी तय हो जाएगा कि आखिर नगर निगम के चुनाव कब कराये जायेंगे।
केंद्र सरकार को संसद के इसी सत्र में दिल्ली के तीनों नगर निगमों के संबंध में निर्णय लेना है। क्योंकि आधिकारिक तौर पर राज्य निर्वाचन आयोग को 18 मई तक चुनाव कराने हैं, अतः सरकार को चुनाव के बारे में कोई भी फैसला 16-17 अप्रैल से पहले लेना है। क्योंकि आयोग को चुनाव कराने के लिए करीब 29 से 30 पहले घोषणा करनी होती है। चर्चा यह भी है कि वर्तमान निगम पार्षदों का कार्यकाल भी नहीं बढ़ाया जाएगा।
अगर नगर निगमों को एक किया जाता है तो चुनाव टलने तय है। इसके साथ यह भी तय माना जा रहा है कि तीनों नगर निगमों को भंग कर दिया जायेगा। क्योंकि वर्तमान स्थिति में नगर निगमों के कार्यकाल को बढ़ाया जाना संभव नजर नहीं आ रहा है। बताया जा रहा है कि कुछ समय के लिए एडमिनिस्ट्रेटर के जरिये नगर निगम को चलाया जा सकता है।