
लीवर मानव शरीर का सबसे बड़ा आंतरिक अंग होता है। लीवर पाचन, डिटॉक्सिफिकेशन से लेकर इकट्ठा करने के साथ कई प्रकार के कार्य करता है। लेकिन लीवर की कोई भी दवा जानने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि आखिर लीवर खराब कैसे हो जाता है?
लीवर आमतौर शराब पीने, अस्वस्थ खाना खाने और डायबिटीज, हेपेटाइटिस बी व सी जैसी वजह से खराब या कमजोर होने लगता है। जिससे भूख कम लगना, उल्टी होना, नींद ना आना, दिनभर थकान महसूस होना, वजन घटना आदि के साथ लीवर में सूजन जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है। हालांकि लीवर क्षति को नियंत्रण करने की कई दवाएं बाजार में मौजूद हैं लेकिन आप कुछ आयुर्वेदिक तरीके अपनाकर आसानी से अपने लिवर को जल्द स्वस्थ बना सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर के संतुलन को बनाए रखने में नेचुरल हर्ब आपके बड़े काम आ सकते हैं।
अश्वगंधा
अश्वगंधा लीवर के संतुलन को पुन:स्थापित करने में मदद करती है और कोशिकाओं में तनाव और विकिरण के प्रभाव को कम करने में मदद करता है।
भूम्यामलकी
यह अक्सर हेपटोमेगाली और गंभीर सिरोसिस लीवर की स्थिति में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग लीवर डिसऑर्डर को ठीक करने के लिए किया जाता रहा है।
लहसुन
लहसुन में मौजूद एस-एलिमर कैप्टोसाइटिस्टीन यौगिक नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर के उपचार में सहायक हो सकता है। लहसुन का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो लिवर की सूजन को कम करने और लीवर को जल्द स्वस्थ करने में मदद करता है।
लीवर को ठीक करने के लिए एलोपैथिक में भी बहुत सी दवाएं बाजार में उपलब्ध हैं लेकिन इसके लिए आपको अधिक खर्च भी करना पड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार इन तरीकों से आप घर पर ही आसानी से अपने लीवर को ठीक कर सकते हैं। (नोट:- लीवर में किसी भी तरह की परेशानी होने पर आप विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह जरूर लें)