
नई दिल्ली, सत्यकेतन समाचार। रोहिणी जिला पुलिस की स्पेशल स्टाफ टीम ने हत्या कर शव नाले में फेंकने के मामले में पुजारी समेत दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान वजीराबाद निवासी बबलू और राहुल उर्फ राजा के रूप में हुई है। आरोपितों ने 12 सितंबर को श्योराज की हत्या इसलिए कर दी थी, क्योंकि श्योराज ने बबलू पर मंदिर में चोरी करने का आरोप लगाया था। इसके बाद उसे वहां से निकाल दिया गया था।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल के अनुसार 13 सितंबर को श्योराज का गला कटा शव तीमारपुर नाले से बरामद हुआ था। इस मामले में मुखर्जी नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के धनबाद थाना क्षेत्र के मो. गरजर गांव निवासी श्योराज दिल्ली के गांधी विहार इलाके में रहते थे। मामले की जांच के दौरान मंगलवार को रोहिणी स्पेशल स्टाफ टीम को को पता चला कि बबलू और राहुल, जो हत्या मामले में शामिल थे वह बेगमपुर में अपने किसी परिचित से मिलने आने वाले हैं। इसके बाद स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर ईश्वर सिंह के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम ने बेगमपुर बस स्टैंड के पास छापा मारकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपितों ने श्योराज की हत्या करने की बात कबूल कर ली। बबलू ने बताया कि वह वजीराबाद के रामघाट स्थित एक मंदिर में पुजारी का काम करता था। इस दौरान श्योराज ने बबलू पर मंदिर परिसर में चोरी का आरोप लगाया था, जिसके चलते उसे पुजारी के काम से हटा दिया गया। इसके बाद वह श्योकराज के प्रति रंजिश रखने लगा था और अपने दोस्त के साथ मिलकर श्योकराज की हत्या की साजिश रच डाली। बबलू को धूम्रपान और शराब की लत है। इसके चलते वह समाज के बुरे तत्वों के संपर्क में आया और अपराध करने लगा। वहीं दिल्ली जल बोर्ड में संविदा के आधार पर काम करने वाला राहुल भी शराब का आदी है।