
आगामी 26 दिसम्बर को खंडग्रास सूर्य ग्रहण होगा। इस बार यह दुर्लभ ग्रह-स्थिति में हो रहा है। वृद्धि योग और मूल नक्षत्र में हो रहे इस ग्रहण के दौरान गुरुवार और अमावस्या का संयोग बन रहा है। वहीं धनु राशि में छह ग्रह एक साथ हैं। पंडितों के मुताबिक कि ऐसा दुर्लभ सूर्यग्रहण 296 साल पहले 07 जनवरी,1723 को हुआ था। उसके बाद ग्रह-नक्षत्रों की वैसी ही स्थिति 26 दिसम्बर को रहेगी। ग्रहण की अवधि 5 घंटे 36 मिनट की रहेगी।
- गुरुवार को अमावस्या का संयोग
शांडिल्य ने बताया कि 26 दिसम्बर को मूल नक्षत्र और वृद्धि योग में सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। 296 साल बाद दुर्लभ योग बन रहे हैं। इस दिन मूल नक्षत्र में चार ग्रह रहेंगे। वहीं, धनु राशि में सूर्य, चंद्रमा, बुध, गुरु, शनि और केतु रहेंगे। इन छह ग्रहों पर राहु की पूर्ण दृष्टि रहेगी। इनमें दो ग्रह यानी बुध और गुरु अस्त रहेंगे। 26 दिसम्बर, गुरुवार को पौष माह की अमावस्या का संयोग भी तीन साल बाद बन रहा है। इससे पहले 29 दिसम्बर,2016 को गुरुवार और अमावस्या थी। इस संयोग के प्रभाव से ग्रहों की अशुभ स्थिति का असर कम हो जाता है।
- सूर्य ग्रहण और सूतक काल का समय
- ग्रहण प्रारम्भ काल – 08:17 ए एमपरमग्रास – 09:31 ए एम
- ग्रहण समाप्ति काल – 10:57 ए एम
- खण्डग्रास की अवधि – 02 घण्टे 40 मिनट्स 06 सेकण्ड्स
- सूतक प्रारम्भ – 08:15 पी एम, दिसम्बर 25
- सूतक समाप्त – 10:57 ए एम