नई दिल्ली। टिक-टॉक वीडियो बनाने वाले कुछ युवकों ने मिलकर लूटपाट की बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपितों ने गीता कॉलोनी में गत अगस्त में कलेक्शन एजेंट से 20 लाख रु लूट लिए थे। शाहदरा जिला पुलिस ने लूटपाट की इस वारदात में शामिल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद बदमाशों का कहना है कि उन्होंने लूटी गई रकम को आपस में बांट लिया था। जिसे उन्होंने अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से खर्च किया।
एक बदमाश ने बुलेट मोटरसाइकिल खरीदकर अपना सपना पूरा किया है। एक बदमाश ने कुछ रकम दान कर दिए। पकड़े गए आरोपितों की पहचान नौशाद (27), इमरान (26), सलमान (25), आसिफ (18) और दीपक (25) के रूप में हुई है। नौशाद पर पहले भी आपराधिक केस दर्ज है। इनके पास से लूटी गई रकम में से 1 लाख रु, 1 पिस्टल, कारतूस, 1 मोबाइल, वारदात में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल और एक स्कूटी के अलावा बुलेट भी बरामद हुई है।
- क्या है मामला
पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा का कहना है कि गांधी नगर मार्केट से 22 अगस्त को एक कपड़ा कारोबारी के कलेक्शन एजेंट जयंती लाल अपने दोस्त रति लाल के साथ निकले थे। जब वह गीता कॉलोनी पहुंचे, तो 3 मोटरसाइकिल व स्कूटी पर आए 6 बदमाशों ने उनको रोका और पिस्टल के दम पर नकदी लूट ली। इस मामले की जांच के लिए स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर जीत सिंह की देखरेख में एसआइ पवन मलिक, हेड कांस्टेबल ओम दत्त, प्रवीण, कांस्टेबल विवेक राणा, संदीप, महेंद्र आदि की टीम गठित की गई।
टीम ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेज और मुखबिरों की मदद से इस मामले को सुलझाते हुए 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली पुलिस इनके एक अन्य साथी की तलाश में जुटी है। पूछताछ में आरोपितों का कहना है कि उन्होंने कलेक्शन एजेंट को शिकार बनाने से पहले 12 दिन तक रेकी की थी। उसके बारे में सारी जानकारी जुटाने के बाद ही 22 अगस्त को वारदात को अंजाम दिया था।
पूछताछ में पता चला कि ये 5 टिक-टॉक पर विडियो बनाते थे। इसी दौरान उनकी आपस में मुलाकात हुई और फिर दोस्ती हो गई। वे आपस में मिलकर टिक टॉक पर वीडियो बनाने लगे। जल्द पैसा कमाने के लालच में आरोपितों ने लूटपाट की साजिश रची। इनमें एक आरोपित कारोबारी को पहले से जानता था। इसलिए उसे पता था कि उनके यहां नकदी काफी आती है।