नई दिल्ली। विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के मुख्यालय में कुछ भाजपा शासित राज्यों में श्रम कानूनों को कमजोर करने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप है की मजदूर और गरीबों के साथ सरकार ने दुर्व्यवहार किया है. इनको कभी भी इतना बेवस नहीं देखा. सरकार को तुरंत 7500 रुपए प्रति माह देने चाहिए. इस शांत विरोध प्रदर्शन में शरद यादव, सीताराम येचुरी सीपीआई, डी. राजा सीपीएम ने भाग लिया.
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शरद यादव ने कहा कि राजनीतिक जीवन में चाहे सत्ता में रहा या बिना सत्ता के इतना बेबस मजदूर और गरीब को नहीं देखा है. ऐसा किताबों में देखा और पढ़ा है कि जिस तरह की हालत सड़कों पर रेल की पटरियों, ट्रकों, रेढ़ी ठेलों पर देखने को मिल रही है ऐसी हिन्दुस्तान पाकिस्तान का विभाजन हुआ था तब देखा गया था.
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उन्होंने कहा कि सरकार तुरंत सड़कों पर चल रहे मजदूरों को ना केवल सुविधएं प्राप्त करवाएं बल्कि यह भी देखना चाहिए कि इनके साथ रास्ते में दुर्व्यवहार ना हो. सरकार को तुरंत कार्यवाई करते हुए इन कामगारों के लिए बेहतर सोचना चाहिए जिससे कि ना केवल अभी इनके हाथ में पैसा आ जाए बल्कि इनका फिर से वापिस शहरों में आकर काम करने का मन करे क्योंकि यही लोग हमारी अर्थव्यवस्था का इंजन है.
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