ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर भी रोक

ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर भी रोक

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की बिक्री पर प्रतिबंध का तात्पर्य उसके इस्तेमाल और संबंधित उपकरणों पर भी रोक से है। दरअसल स्वास्थ्य के खतरे को देखते हुए सरकार ने सितंबर में पूरे देश में ई-सिगरेट के आयात, उत्पादन, बिक्री, विज्ञापन, भंडारण और वितरण पर रोक लगा दी थी।

सरकार के इस फैसले से जूल लैब्स और फिलिप मॉरिस इंटरनेशनल जैसी अमेरिकी कंपनी के भविष्य को गहरा झटका लगा था। सरकार के फैसले के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि ई-सिगरेट के इस्तेमाल को रोका नहीं जा सकता। हालांकि 5 नवंबर को कोलकाता की अदालत में इस प्रतिबंध को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं पर सरकार ने कहा था कि यह कहना पूरी तरह बेबुनियाद है कि ई-सिगरेट की केवल बिक्री, निर्माण और कश खींचने वाले उपकरणों पर रोक लगाई गई है, उनके इस्तेमाल पर नहीं।

अध्यादेश का मकसद ही इस पर पूरी तरह रोक लगाना था। एक बार जब इसके आयात, उत्पादन, वितरण और भंडारण पर रोक लग गई, तो इसका आशय ई-सिगरेट के इस्तेमाल पर भी रोक है।

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