
Money laundering case: एक मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस पार्टी की ओर से प्रवर्तित एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) और कांग्रेस पार्टी के नेता मोती लाल वोरा की 16.38 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया है. ED ने कहा कि कुर्क की गई संपत्ति में मुंबई की 9 मंजिला इमारत है, जिसमें 2 बेसमेंट हैं और 15 हजार स्क्वायर मीटर में बना हुआ है. आरोप है कि अवैध तरीके से इस जमीन का आंवटन किया गया था.

अटैचमेंट आदेश प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PML) के तहत AJL और मोती लाल वोरा के नाम जारी किया गया है। मोती लाल वोरा एजेएल के प्रबंधकीय निदेशक हैं. यह समूह नेशनल हेराल्ड अखबार चलाता है जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और गाँधी परिवार के सदस्य भी शामिल हैं.
नेशनल हेराल्ड अखबार की स्थापना 1938 में जवाहरलाल नेहरू ने की थी। उस समय से यह अखबार कांग्रेस का मुख्यपत्र माना जाता था. अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी AJL के पास था. आजादी के बाद 1956 में एसोसिएटेड जर्नल को अव्यवसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया. वर्ष 2008 में AJL के सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया गया और कंपनी पर 90 करोड़ रुपए का कर्ज भी चढ़ गया.

कांग्रेस नेतृत्व ने ‘यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक नई अव्यवसायिक कंपनी बनाई जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया. नई कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76 प्रतिशत शेयर थे जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य निदेशकों के पास थे.