अब क्या होगा दिलीप कुमार की पेशावर वाली पुश्तैनी हवेली का?

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा को अपनी बेहतरीन अदाकारी से नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाले महान अभिनेता और ‘ट्रैजेडी किंग’ दिलीप कुमार का लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई की सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे. दिलीप कुमार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई और इस तरह भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत हो गया. उनके निधन के बाद बॉलीवुड शोक की लहर में डूब गया. ज्ञात हो कि दिलीप कुमार का जन्म पाकिस्तान के पेशावर शहर में हुआ था. विभाजन के बाद दिलीप कुमार का परिवार पाकिस्तान से मुंबई आ गया था. मगर पेशावर में बिताए अपने बचपन और उस घर को दिलीप कुमार हमेशा याद करते थे.

पुश्तैनी हवेली में गुजरा था दिलीप कुमार का बचपन

दिलीप कुमार का यह पुराना पुश्तैनी हवेली पाकिस्तान प्रांत के ख्वानी बाजार क्षेत्र में स्थित है. दिलीप कुमार की पुश्तैनी हवेली और कपूर हवेली आस-पास ही हैं. 1947 में भारत और पाकिस्तान के विभाजन से पहले राज कपूर और दिलीप कुमार ने इन इमारतों में अपने जीवन का शुरूआती हिस्सा गुजारा है. भारत आने के बाद दिलीप कुमार चाहते थे कि, इस हवेली को म्यूजियम में बदल दिया जाए, ताकि उनके पुरखों की यादों को संभालकर रखा जा सके. मगर आज अंतिम सांस के साथ ही यह ख्वाहिश भी मन में दबी रह गई.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी दिलीप की हवेली की फोटो

दिलीप कुमार की यह हवेली तब खबरों में जब पाकिस्तान के एक पत्रकार ने उनके पुश्तैनी घर की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसे देखकर दिलीप कुमार बेहद खुश हुए थे. बता दें कि दिलीप कुमार की ये हवेली 100 साल से भी ज्यादा पुरानी है.

नवाज शरीफ ने इन हवेलियों को राष्ट्रीय धरोहर किया था घोषित

साल 2014 में दिलीप कुमार और राज कपूर के पुश्तैनी हवेलियों को तत्कालीन नवाज शरीफ सरकार ने राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था. उसके बाद खैबर पख्तूनख्वाह प्रोविंशियल सरकार ने इसे म्यूजियम बनाने का पहल किया था. लेकिन यह मामला पाकिस्तान सरकार और मौजूदा मालिक के बीच में उलझा रह गया. अब पुश्तैनी हवेली पर औपचारिक संरक्षण की प्रक्रिया चल रही है. मौजूदा मालिकों को इस काम के लिए 18 मई तक का समय दिया था. लेकिन अफसोस दिलीप साहब हवेली के सुधरने से पहली ही दुनिया छोड़कर चले गए.

अब संपत्तियों का स्वामित्व पाक सरकार के पास है

पाकिस्तान पुरातत्व के निदेशक अब्दुस समद ने पेशावर के उपायुक्त को सौंपी है. पाकिस्तान न्यूज चैनल डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों मकानों के वर्तमान मालिकों को अंतिम नोटिस जारी करने के बाद सरकार की तरफ से ये कदम उठाया गया है. खैबर पख्तूनख्वा के पुरातत्व निदेशक अब्दुस समद के मुताबिक सरकार दोनों ही हवेलियों पर जल्द ही कब्जा लेने वाली है और दोनों हवेलियों के मरम्मत का काम शुरू करेगी. रिपोर्ट के अनुसार, ‘सरकार की कोशिश है कि दोनों महान अभिनेताओं के पुश्तैनी हवेलियों को संरक्षित किया जाए और उन्हें म्यूजियम के तौर पर विकसित किया जाए.