सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त, केंद्र से पूछा- कोविड-19 को लेकर क्या है राष्ट्रीय योजना?

कोरोना वायरस के बढ़ते मामले और भारी मात्रा में संक्रमितों की मौतों को मद्देनज़र रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती का रुख ले लिया। मालूम हो कि, सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल गवर्नमेंट को घेरे में ले, नोटिस जारी कर पूछा कि कोरोना वायरस को मात देने की उनकी आगे की क्या तैयारियां हैं.

दरअसल, देशभर में मौतों की तस्वीरें लगभग हर घंटे देखने को मिल रही है जिसे देख हर कोई भी सहम जाए. पानी सर से ऊपर जाता देख, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक समन जारी कर दिया। जिसमे पीठ ने केंद्र सरकार से कोरोना वायरस को ध्वस्त करने की नेशनल प्लानिंग पर जवाब माँगा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में केंद्र से वैक्सीन्स से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई का भी विवरण देने को कहा है. ख़बरों के मुताबिक,कोर्ट की अगली सुनवाई की तारीख़ आगामी शुक्रवार (23 अप्रैल 2021) को तय की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में क्या कहा है ?

बता दें, चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने केंद्र को जारी किए समन में मुख्यतौर से 4 चीज़ों पर सवाल खड़े किये हैं. जिनमे
-मेडिसिन्स और दवाओं की सप्लाई
-ऑक्सीजन सिलेंडर की सप्लाई
-टीकाकरण की प्रक्रिया
-और सबसे आवश्यक कि किसी भी शहर या जिले में लॉकडाउन लगाने का अधिकार केवल राज्य सरकार को है, कोर्ट को नहीं जैसे अहम् सवालों के जवाब की मांग रखी है.

साथ ही सुप्रीम पीठ ने यह भी कहा कि, अभी देश के छह हाई कोर्ट में कोरोना वायरस और तालाबंदी से समन्धित मामलों की सुनवाई की जा रही है. जिसमे दिल्ली, इलाहाबाद, सिक्किम, कलकत्ता और बॉम्बे हाई कोर्ट शामिल हैं। और इससे लोगों में कई किस्म के भ्रम भी पैदा हो रहे हैं जैसे राज्य सरकार और वहाँ की मौजूदा हाई कोर्ट में बिगड़े समंधों को लेकर।

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