पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया तेल के दाम बढने का कारण

नई दिल्ली। पेट्रोल के दाम आसमान छू रहे हैं, मंगलवार को दिल्ली में 91 व मुंबई में 97 रूपये प्रति लीटर है, इस पर बात करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि ”अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ रही है। कोरोना वायरस की वजह से आपूर्ति में कटौती हुई थी और साथ ही तेल के उत्पादन पर भी इसका असर पड़ा था। हम जीएसटी परिषद से लगातार पेट्रोलियम उत्पादों को इसके दायरे में शामिल करने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे लोगों को फायदा होगा।” 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा जिसपर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सोनिया जी को पता होना चाहिए कि राजस्थान और महाराष्ट्र में सबसे अधिक कर है। लॉकडाउन के दौरान केंद्र और राज्य सरकारों की कमाई बेहद कम थी। हमने नौकरियों में वृद्धि लाने के लिए बजट में विभिन्न क्षेत्रों को बड़े हिस्से आवंटित किया है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम लगातार ओपेक और ओपेक प्लस देशों से आग्रह कर रहे हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन का उत्पादन कम न किया जाए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ने का एक और कारण वैश्विक महामारी कोरोना वायरस भी है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि पिछली सरकार कच्चे तेल को कम करती तो आज देश में इतना मंहगा पेट्रोल-डीजल नहीं खरीदना पडता।

आखिर पेट्रोल व डीजल के दाम इतने मंहगे क्यों हैं?

पेट्रोल-डीजल के इतने मंहगे दाम इसलिए हैं क्योंकि इस पर सबसे ज्यादा टैक्स लगता है, उदाहरण के लिए दिल्ली को ही ले लीजिए, कुछ दिन पहले दिल्ली में ऑयल मार्केटिंग कम्पनियां पेट्रोल 32.10 रूपये डीलर्स को बेचती है वहीं केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32.90 रूपये प्रति लीटर एक्साईज डयूटी लगाती है, यह जोङकर पेट्रोल की कीमत 65 रूपये प्रति लीटर हो जाती है जिसमें हर पेट्रोल-पंप डीलर अपना 3.68 रूपये प्रति लीटर कमीशन लगाते हैं, इसके बाद पेट्रोल जहाँ बेचा जाता है वहां की राज्य सरकार बिक्री-कर (VAT) जोङते हैं, दिल्ली में वैट 20.61 रूपये लगता है, तो इस प्रकार ग्राहक को पेट्रोल 90 रूपये के लगभग पङ जाता है।

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