भारत की लंका: कोरोना तो दूर यहां 50 सालों में किसी को कोई बीमारी नहीं हुई

भारत की लंका: इस युग में भी रावण की लंका के चर्चे तो बहुत हैं, चलिए हम दिखाते हैं आपको भारत की लंका। जी हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना, भारत की लंका। दरअसल, मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक लंका नामक क़स्बा है. जहाँ पिछले 50 वर्षों से कोरोना तो क्या, कोई भी रोग नहीं पंहुच सका. जिसकी पुष्टि वहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ दिनेश खत्री ने की है.

कहाँ है भारत की लंका ?

असल में, भारत की लंका राज्य मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गौहरगंज तहसील क्षेत्र में लंका नामक गांव है स्थित है, पूरा गांव करीब 500 से अधिक पेड़ों से ढंका हुआ है. चारों ओर हरियाली है, आसमान एक साफ, सुन्दर और नीला दिखता है. बारिश के मौसम में तो नज़ारा देखते ही बनता है, चारों तरफ से नदी का निकास होता है. और तो और उस टापू नुमा कस्बे को नदियों ने चारो ओर से ओट कर रखा है, इसलिए उस खूबसूरत गाँव का नाम लंका है. वहां के निवासियों का दावा है कि, लंका गांव में किसी भी किस्म की कोई बीमारी नहीं पनपती है. और तो और पिछले 50 वर्षों से किसी संक्रमण रोग ने उस ओर झाँका भी नहीं है.

भारत की लंका तक कोई भी बीमारी क्यों नहीं पहुँचती

कुछ लोगों का कहना है कि, गाँव तक बीमारी न पहुंच पाने का अहम् कारण है वहां की हरियाली, साफ़ वातावरण, शुद्ध हवा और लोगों की कर्मठ जीवनशैली।ग्रामीणों की मानें तो, वहाँ की प्राकर्तिक बनावट की वजह से ही उन तक बीमारियों का कोई असर नहीं होता है. उनका कहना है कि, उन लोगों ने हरियाली बनाए रखने के लिए चरों तरफ पेड़-पौधें लगाए है. इन्ही पेड़ और पौधों से वह लोग शुद्ध स्वास ले पाते हैं, जिससे बिमारियों का खतरा टल जाता है. जहाँ एक और डॉक्टर ने पुष्टि की कि पिछले 5 दशकों से कोई बीमारी लंका को नहीं छू सकी. वहीँ गांव वालों का भी कहना है कि, वह कभी बीमार ही नहीं पड़ते। वहाँ छोटी से लेकर बड़ी कोई भी बीमारी नहीं होती।