दिल्ली सरकार की बड़ी घोषणा, ऑक्सीजन की किल्लत से हुई मौतों पर 5 लाख का मुआवजा

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कोरोना सर्वव्यापी महामारी के चलते दिल्ली सरकार ने पहले इससे निपटने के लिए सख्ताई का रुख अपना लिया। अब इस महामारी की वजह से उजड़े घरों की ओर नर्मता से पेशाने की एक अन्य पहल की है. जहाँ पहले दिल्ली वासियों को मुफ्त में सूखा राशन उपलब्ध कराने, कोरोना मृतकों के बच्चों के लिए शिक्षा साधन खोलने, घर के कमाऊ सदस्य की कोरोना से मृत्यु के बाद परिजनों को मुआवजा देने की बात कही थी. वहीँ अब दिल्ली सरकार ने एक अन्य बड़ी घोषणा की है.

दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शुक्रवार को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति को लेकर 2 बैठक की. जिसमे अगली रणनीतियों के समेत पिछले नुकसानों पर भी चर्चा की गई. इस दौरान, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के चलते अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत से कई संक्रमितों की जान चली गई. इस पर राजधानी सरकार ने 5,00,000 का मुआवजा देने का फैसला किया है. मालूम हो कि, दिल्ली सरकार ने इस कार्य को आरम्भ करने और केसेज़ की जांच प्रक्रिया के लिए 4 सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया है. दिल्ली सरकार ने इस निर्णय से संबंधित फाइल को उप-राज्यपाल अनिल बैजल के मंजूरी के लिए भेजवा दी है.

ख़बरों के अनुसार, उप-राज्यपाल की मंजूरी उपरांत इस कार्य को आरम्भ कर दिया जायेगा। इस बात की जानकारी दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दी है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान बहुत से ऐसे परिवार थे जिनका ऑक्सीजन की कमी से दम घुट गया. दिल्ली के मुख्यमंत्री ने दिल्ली वादियों को इस संकट से जूझता देख, मामले को काफी गंभीरता से लिया और और 4 सदस्यीय एक टीम का गठन किया है. मेडिकल एक्सपर्ट्स की ये टीम सप्ताह में 2 बार ऑक्सीजन की कमी से निधन पर आए हरेक क्लेम की जांच करेगी. इसके बाद प्रत्येक पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.

उप-मुख्यमंत्री ने साझा किया कि कमिटी का गठन कर उसके अप्रूवल की फ़ाइल उपराज्यपाल के पास भेज दी गई है. उपराज्यपाल से अप्रूवल मिलने के तुरंत बाद ही ये कमिटी अपना काम शुरू कर देगी.